UP SIR: 3 करोड़ वोटरों का नाम कटने पर विपक्ष का तीखा हमला – कहा बड़ी साजिश…

100 News Desk
4 Min Read

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विशेष गहन संशोधन (UP SIR) के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची से करीब 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर विपक्ष ने भाजपा और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। विपक्षी दलों ने इसे ‘लोकतंत्र की हत्या’ और ‘बड़ी साजिश’ करार देते हुए जांच की मांग की है।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने इस मामले की जांच की मांग करते हुए कहा, “यूपी एसआईआर ड्राफ्ट सूची से 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाना जांच का विषय है। 1.13 करोड़ फॉर्म जो वापस नहीं आए। यह बड़ी साजिश है और इसकी जांच होनी चाहिए।”

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “कांग्रेस पार्टी की जो चिंता थी, वह सही साबित हुई। करीब तीन करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। यह लोकतंत्र की हत्या है।” उन्होंने आगे कहा कि भाजपा कुछ भी कर ले, लेकिन उत्तर प्रदेश से उसका सफाया तय है।

समाजवादी पार्टी ने भी चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए और कहा कि आयोग को निष्पक्ष रूप से काम करना चाहिए। यूपी एसपी प्रमुख श्याम लाल पाल ने हाल की नौ विधानसभा सीटों पर हुए चुनावों में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा, “मतदाताओं को विभिन्न तरीकों से मतदान केंद्रों तक पहुंचने से रोका गया। कई जगह पुलिस और अधिकारियों ने रोका, तो कुछ बूथों पर प्रिसाइडिंग अधिकारी खुद सरकार के इशारे पर वोट डालते देखे गए। यह लोकतंत्र की हत्या है।”

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मैनपुरी के संदर्भ में चुनाव आयोग से मंगलवार को कहा कि वैध नामों का संज्ञान लेकर मतदाता सूची दुरुस्त कराएं। ऐसा न हो कि मतदाताओं का रोष आक्रोश बनकर आंदोलन का रूप ले ले। अखिलेश ने बुधवार को एक वीडियो जारी किया, जिसमें एक लाइन लिखा है। – जाने कहां गए वो लोग। एसपी नेता फखरुल हसन चांद ने कहा कि उनकी पार्टी पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) मतदाताओं की रक्षा के लिए सतर्क रहेगी और उन्हें मतदान प्रक्रिया से बाहर नहीं होने देगी।

वहीं, लोकसभा में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एसआईआर को ‘बैकडोर एनआरसी’ करार दिया और चेतावनी दी कि इससे धार्मिक आधार पर चुनिंदा मताधिकार छीना जा सकता है।चुनाव आयोग के अनुसार, उत्तर प्रदेश की 15.4 करोड़ मतदाताओं की सूची से 18.7 प्रतिशत यानी करीब 2.9 करोड़ नाम हटाए गए हैं। ड्राफ्ट मतदाता सूची में अब 12.5 करोड़ से अधिक मतदाता शामिल हैं।

यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, “हमें करीब 12 करोड़ 55 लाख फॉर्म प्राप्त हुए, जिनमें लोगों ने हस्ताक्षर कर अपनी सूची में शामिल होने की पुष्टि की। 46.23 लाख मृत मतदाता थे, 2.17 करोड़ मतदाता स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके थे या बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की विजिट में अनुपस्थित/अनट्रेसेबल पाए गए, जबकि 25.47 लाख मतदाताओं के नाम एक से अधिक जगह दर्ज थे।

कुल मिलाकर 2.89 करोड़ नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किए गए।”आयोग ने स्पष्ट किया कि दावे और आपत्तियों की अवधि 6 जनवरी 2026 से 6 फरवरी 2026 तक है। कोई भी मौजूदा या संभावित मतदाता योग्य नाम शामिल करने या अयोग्य नाम हटाने के लिए दावा या आपत्ति दर्ज करा सकता है। 403 ईआरओ और 2042 एईआरओ सहित अतिरिक्त अधिकारी 27 फरवरी 2026 तक इनकी जांच करेंगे।विपक्ष का आरोप है कि यह कदम विशेष रूप से पीडीए मतदाताओं को निशाना बना रहा है, जबकि आयोग इसे सूची शुद्धिकरण प्रक्रिया बता रहा है। इस मुद्दे पर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है।

Share This Article
Follow:
NewsDesk is our dedicated team of multimedia journalists at 100 News UP, delivering round-the-clock coverage of breaking news and events uttar pradesh. As your trusted news source, NewsDesk provides verified updates on politics, business, current affairs, and more.
1 Comment

Leave a Reply Cancel reply

Exit mobile version