मुरादाबाद: संभल के चंदौसी थाना इलाके के पांच अविवाहितों को फंसाकर फर्जी दुल्हन के जरिये घरों से जेवर-नकदी बटोर कर गायब होने वाले गिरोह की सरगना और उसके पति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घर में दुल्हन बनकर दाखिल होने के बाद लूट करने वाली एक महिला भी गिरफ्त में आई है।
पुलिस का मानना है कि यह गिरोह चंदौसी के अलावा कुछ और इलाकों में भी लुटेरी दुल्हनों से वारदात करा चुका है। जांच में सभी मामलों का पर्दाफाश किया जाएगा। कोर्ट में पेश करने के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
पुलिस की गिरफ्त में आई काजल उर्फ नूरजहां खातून लुटेरी दुल्हनों की सरगना है। पश्चिम बंगाल के थाना लाल बाजार क्षेत्र की रहने वाली नूरजहां नाम बदलकर चंदौसी क्षेत्र में रह रही थी। हिंदू नाम काजल बताकर कुछ साल पहले उसने बदायूं के बिनावर थाना क्षेत्र के ग्राम विलहत निवासी नरेशपाल के पुत्र राजीव से शादी कर ली थी।
लुटेरी दुल्हनों के जरिये लूट का जाल बिछाया
बाद में राजीव के साथ मिलकर लुटेरी दुल्हनों के जरिये लूट का जाल बिछाना शुरू कर दिया और चंदौसी क्षेत्र में ही पांच घरों को निशाना बना लिया। इन दोनों तक पहुंचने में चंदौसी से सटे पतरौआ गांव के राजू की समझदारी काम आई।
पतरौआ का राजू भी इस गिरोह का शिकार हुआ था। संभल के एसपी केके विश्नोई ने बताया कि 21 जनवरी को पतरौआ में शादी के दस दिन बाद ही दुल्हन घर से भागने के प्रयास में थी तो राजू ने उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया।
फर्जी दुल्हन से पूछताछ में खुला बड़ा राज
पुलिस ने पकड़ में आई पूजा उर्फ आयशा खातून नामक इस फर्जी दुल्हन से पूछताछ की और इससे मिले सुराग से गिरोह की सरगना नूरजहां और उसके पति राजीव तक पहुंच गई। गिरफ्तार की गई पूजा उर्फ आयशा खातून भी पश्चिम बंगाल की रहने वाली है। पतरौआ में पति द्वारा पकड़ी गई पूजा उर्फ आयशा खातून इसी गांव के एक और शख्स के मुरादाबाद निवासी रिश्तेदार को भी ठग चुकी थी।
एसपी ने बताया कि सरगना नूरजहां उन लोगों को निशाना बनाती थी, जिनकी शादी न हो रही हो। उसने पतरौआ के राजू के अलावा चार और घरों में भी इसी तरह की वारदातें कराईं। इन सभी से शादी कराने के नाम पर भी मोटी रकम वसूली गई, जबकि घरों में दुल्हन बनकर पहुंचीं महिलाएं शादी के कुछ दिन बाद ही मौका देखकर लाखों के जेवर-नकदी समेत गायब हो जाती थीं।
लुटेरी दुल्हनों के पांच कांडों ने खड़े किए कान
पुलिस ने बताया कि सिर्फ चंदौसी कोतवाली क्षेत्र में ही इस गिरोह ने लुटेरी दुल्हनों के जरिये पांच घरों को लाखों का चूना लगाया है। जांच और पूछताछ में पता चलेगा कि कौन-कौन से इलाकों में कितने और लोग इनके झांसे में आकर अपना सबकुछ गंवा चुके हैं। डेढ़ महीने में चंदौसी इलाके में पांच घटनाओं से पुलिस को गिरोह का अंदाजा लग गया और इसके बाद गिरफ्तारी के लिए सुरागरशी शुरू कर दी गई थी। चंदौसी क्षेत्र की पांच शादियों में से चार पतरौआ गांव में कराई गई थीं।
50 से 75 हजार लेकर कराती थी शादी
पुलिस गिरफ्त में आई महिला नूरजहां उर्फ काजल 50 से 75 हजार रुपये लेकर उन अविवाहितों को शादी के झांसे में फंसाती थी जिनके विवाह का सपना पूरा नहीं होता है। पतरौआ गांव के भोला की शादी आरती नामक युवती से कराने के लिए काजल ने 55 हजार रुपये लिए थे, जबकि 55 हजार रुपये पूजा उर्फ आयशा खातून से शादी कराने के पतरौआ निवासी राजू से लिए गए थे।
इसी तरह परमेश नामक युवक की शादी एक अन्य पूजा नामक युवती से कराने के 75 हजार रुपये लिए गए थे। मुरादाबाद के मोनू मिश्रा से भी शादी कराने के 70 हजार रुपये काजल ने लिए थे। पुलिस के अनुसार पता चला है कि सभी लुटेरी दुल्हनें पहले से शादीशुदा हैं और बच्चों की मां भी हैं।
महिलाओं के फर्जी आधार कार्ड बनवाते थे
अविवाहितों की शादी कराने वाली नूरजहां खातून उर्फ काजल के गिरोह की जिन लुटेरी दुल्हनों की जानकारी मिली है, वे मुस्लिम हैं। नूरजहां उनका धर्मांतरण कराकर मुस्लिम से हिंदू नाम देकर मिलवाती थी। साइबर कैफे से इनके हिंदू नामों के आधार कार्ड भी तैयार कराए जाते थे। नूरजहां ने खुद बिनावर (बदायूं) के जिस राजीव से शादी की थी तो अपना भी हिंदू नाम (काजल) कर लिया था।
पुलिस बदायूं के उस साइबर कैफे संचालक की भी तलाश कर रही है, जो इनके आधार कार्ड तैयार कराता था। गिरफ्त में आई दोनों महिलाओं और राजीव के मोबाइल फोन कब्जे में लेकर डाटा के जरिये गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। तीनों से एक सोने की चेन, अंगूठी व चांदी की पाजेब के साथ ही 4700 रुपये नकदी भी बरामद की है।