लखनऊ : यूपी पुलिस ने भविष्य की चुनौतियों व उनके समाधान की राह खोजने की पहल की है। पुलिस वीक के स्थान पर पहली बार वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन करने का निर्णय किया गया है। इस सम्मेलन को पुलिस मंथन नाम दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में 27 व 28 दिसंबर को आयोजित सम्मेलन में कुल 11 विषयों पर महामंथन होगा।
इनमें बीट पुलिसिंग, प्रशिक्षण, साइबर अपराध, महिला व बाल अपराध, संगठित अपराध, भीड़ प्रबंधन, घुसपैठ व नेपाल सीमा पर सुरक्षा के बढ़े खतरों से लेकर यातायात प्रबंधन और पुलिस कल्याण से जुड़े विषयों पर न सिर्फ मंथन होगा, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक के सहयोग से उनके समाधान खोजे जाएंगे। पुलिस की कार्यशैली को और निखारने के फार्मूल तलाशे जाएंगे। अंतिम सत्र में मुख्यमंत्री खुद पुलिस में संभावित बदलावों को लेकर अपना मार्गदर्शन देंगे। जिसके तहत नए वर्ष में पुलिस अपराध नियंत्रण के लिए नई तैयारी के साथ अपने कदम बढ़ाएगी।
डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि पुलिस मुख्यालय में आयोजित सम्मेलन का शुभारंभ शनिवार सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। परंपरा से हटकर पुलिस वीक को अधिक सार्थक बनाने के उद्देश्य से इस नए स्वरूप की परिकल्पना की गई है। डीजीपी ने कहा कि अब तक पुलिस वीक औपचारिक व प्रतीकात्मक कार्यक्रमों तक सीमित रहता था। जिसे राज्य सरकार ने उच्चस्तरीय रणनीतिक मंथन के मंच में बदलने की पहल की है। सम्मेलन में नीति निर्धारण, संस्थागत सुधार व ठोस परिणामों पर खास जोर रहेगा।
सम्मेलन में डीजी, एडीजी व आइजी स्तर के अधिकारी आधुनिक, नागरिक केंद्रित व तकनीक समर्थ पुलिस व्यवस्था विकसित करने तथा अपराधियों के विरुद्ध अधिक प्रभावी कार्रवाई के लिए अपने प्रस्तुतिकरण देंगे। इसके लिए 11 नोडल अधिकारी तय किए गए गए हैं। जिनके 45 सहयोगी पुलिस अधिकारी भी प्रस्तुतिकरण में शामिल रहेंगे। सम्मेलन में सभी एडीजी जोन व पुलिस आयुक्तों के अलावा रेंज के चुने हुए पुलिस अधिकारी भी हिस्सा लेंगे। सभी सत्र पुलिसिंग से जुड़ी प्रमुख चुनौतियों व प्राथमिकताओं पर केंद्रित होंगे।
इन विषयों पर अधारित होंगे सत्र
- बीट पुलिसिंग
- महिलाओं व बच्चों के प्रति अपराध तथा मानव तस्करी
- थानों का प्रबंधन व उनका उच्चीकरण
- साइबर अपराध
- हृयूमन रिसोर्स डेवलपमेंट, पुलिस कल्याण, पुलिस के व्यवहार में सुधार व प्रशिक्षण
- अभियोजन व कारागार
- सीसीटीएनएस-टू, नए कानून व फारेंसिक
- आपदा प्रबंधन, सिविल डिफेंस व होमगार्ड
- भीड़ प्रबंधन
- इंटेलीजेंस, आपात चुनौतियां, सोशल मीडिया, एजीओ, नेपाल सीमा पर बढ़ती चुनौतियां
- उत्तम प्रथाएं व नवाचार
- सीसीटीएनएस के अगले चरण की मार्च 2026 में होगी शुरुआत
डीजीपी ने बताया कि सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम) के दूसरे चरण की शुरुआत मार्च 2026 में प्रस्तावित है। सम्मेलन में एनआइसी व एनसीआरबी के अधिकारी भी भागीदारी करेंगे, जो सीसीटीएनएस-टू की तैयारियों को लेकर चर्चा करेंगे। साथ ही नए कानूनों के तहत फारेंसिक साक्ष्यों के संकलन व समयबद्ध विवेचना की अनिवार्यता पर भी विमर्श करेंगे।
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2018 में हुआ था अंतिम पुलिस वीक
पुलिस वीक का आयोजन मार्च 2018 में हुआ, तब डीजीपी ओपी सिंह थे। तीन दिनों के पुलिस वीक में क्रिकेट मैच के अलावा अन्य गेम्स व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन हुआ था।