हरदोई से गुरसहायगंज वाया सांडी नई रेलवे लाइन के प्रस्ताव को मंजूरी, 1302 करोड़ के बजट से होगी तैयारी…

100 News Desk
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कन्नौज: हरदोई से गुरसहायगंज बाया सांडी रेल परियोजना के लिए क्षेत्रीय जनता पिछले दो दशकों से कस्बा से लेकर दिल्ली के जंतर मंतर तक सांडी रेल लाओ संघर्ष समिति के तत्वावधान में संघर्षरत करती रही है। रेल लाइन की मांग को लेकर हजारों की संख्या में प्रपत्र प्रधानमंत्री कार्यालय व रेल मंत्रालय को भेजे गए। इसके परिणाम स्वरूप गुरसहायगंज-सांडी रेल लाइन के कार्य को हरी झंडी मिल गई है। परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए करीब 1302 करोड़ रुपये का बजट खर्च होगा। इसके बाद कन्नौज और हरदोई सीधे रेल लाइन से जुड़ जाएंगे और स्थानीय व क्षेत्रीय लोगों को इसका लाभ मिलेगा।

हरदोई से गुरसहायगंज वाया सांडी नई रेलवे लाइन (59.30किलोमीटर) है।

इस परियोजना के लिए वर्ष 2018-2019, 2020-2021, 2022-2023 के रेल बजट में अनुमानित लागत 1302 करोड़ प्रस्तावित की गई थी। वर्ष 2023 में इस रेल लाइन परियोजना की प्रस्तावित दूरी 59.30 किलोमीटर से बढ़ाकर 63.70 किलोमीटर कर दी गई। जबकि प्रस्तावित लागत 1302 करोड़ से बढ़ाकर 1481 करोड़ कर दी गई थी। रेल लाइन को प्राथमिकता देते हुए उत्तर रेलवे की पिंक बुक में दर्ज किया गया है।

वर्ष 2021 में मेसर्स ट्रांसलिक नामक दिल्ली की एक कंपनी ने रेल लाइन का ड्रोन से फाइनल लोकेशन सर्वे भी किया था। सर्वे के लिए रेल मंत्रालय द्वारा 74 लाख रुपये की धनराशि भी आवंटित की गई थी। रेल लाइन का जनवरी 2022 में सीमाकंन कार्य भी कराया गया। जिसमें सांडी केवर्ष 2021 में मेसर्स ट्रांसलिक नामक दिल्ली की एक कंपनी ने रेल लाइन का ड्रोन से फाइनल लोकेशन सर्वे भी किया था।

सर्वे के लिए रेल मंत्रालय द्वारा 74 लाख रुपये की धनराशि भी आवंटित की गई थी। रेल लाइन का जनवरी 2022 में सीमाकंन कार्य भी कराया गया। जिसमें सांडी के परसापुर, नेकपुर, मुरौली, भीखपुर, कुंवारियापुर आदि गांवों से लेकर गुरसहायगंज तक रेल विभाग द्वारा सीमांकन पोल भी लगाए गए।

वर्ष 2023 के रेल बजट में रेल लाइन परियोजना के लिए 1000 रुपये की व वर्ष 2024 में 2000 रुपये की टोकन मनी भी जारी की गई। उत्तर रेलवे के द्वारा वर्ष 2022 व 2023 के रेल मानचित्र में हरदोई से गुरसहायगंज वाया सांडी रेलवे लाइन को दर्शाया भी गया। वर्ष 2023 में हरदोई से गुरसहायगंज वाया सांडी तक हरदोई करना, हरदोई ब्लॉक हट, कुतवापुर, पिंडारी, सांडी, भदार, सिया, चचासांडा व गुरसहायगंज आदि को स्टेशन बनाया गया है।

अब रेल मंत्रालय ने परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए 1302 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया है। जिसे मंजूरी मिलने पर स्थानीय व क्षेत्रीय लोगों की उम्मीद इस वर्ष सत्र में साकार होती नजर आ रही है। जबकि गुरसहायगंज से मैनपुरी तक भी नई रेल लाइन परियोजना का कार्य प्रस्तावित है। इसको लेकर भी जनता की नजरें बजट सत्र में बनी हुई है।

महत्वपूर्ण तथ्य>>

हरदोई से गुरसहायगंज वाया सांडी रेल लाइन परियोजना को वर्ष 2019-20 के बजट में उत्तर रेलवे की पिंक बुक में दर्ज किया गया।

वर्ष 2021-22, 2022-23 व 2023-24 को इस रेल लाइन परियोजना को पिंक बुक में स्थान मिला।

हरदोई से गुरसहायगंज वाया सांडी रेल लाइन परियोजना की दूरी 59.30 किलोमीटर है।

इसकी प्रस्तावित धनराशि 1302 करोड़ 13 लाख रुपये है।

उत्तर रेलवे के द्वारा फाइनल परियोजना रिपोर्ट वर्ष 2023 में तैयार की गई थी। जिसमें रेल लाइन की दूरी 63 किलोमीटर व प्रस्तावित धनराशि 1483 करोड़ हो गई
थी।

21 जनवरी 2021 को ड्रोन से ट्रोपोग्राफिकेल सर्वे सांडी होते हुए हरदोई से गुरसहायगंज तक किया गया।

फाइनल लोकेशन सर्वे (एफएलएस) के लिए रेलवे बोर्ड ने 20 जनवरी 2020 को 74 लाख रुपये की धनराशि जारी की।

21 जनवरी 2022 को रेलवे के अधिकारियों ने सीमाकंन कार्य करके रेल रुट पर सीमाकंन पोल लगाए।

वर्ष 2022-23 में रेल लाइन परियोजना की फाइनल लोकेशन सर्वे रिपोर्ट रेल मंत्रालय को भेजी गई।

फरवरी 2023 में उपमुख्य अभियंता (सर्वे एवं निर्माण) उत्तर रेलवे ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट वित्तीय स्वीकृति के लिए रेल मंत्रालय को भेजी।

वर्ष 2023 में हरदोई से गुरसहायगंज वाया सांडी तक हरदोई करना, हरदोई ब्लॉक हट, कुतवापुर, पिंडारी, सांडी, भदार, सिया, चचासांडा व गुरसहायगंज आदि को स्टेशन बनाया गया।

20 वर्षों से संघर्ष कर रही सांडी रेल लाओ संघर्ष समिति
बहुप्रतीक्षित हरदोई से गुरसहायगंज वाया सांडी रेल लाइन परियोजना के संबंध में सांडी रेल लाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष डा. पंकज त्रिवेदी ने उपमुख्य अभियंता (सर्वे एवं निर्माण) उत्तर रेलवे कार्यालय से आरटीआई के तहत सूचना मांगी थी। जिसमें उपमुख्य अभियंता उत्तर रेलवे ने बताया कि प्रस्तावित रेल लाइन परियोजना के संबंध में पूर्व में किये गए सर्वे के अनुसार रेल लाइन परियोजना की लंबाई 59.30 किलोमीटर, परियोजना लागत 1302 करोड़ थी। लेकिन वर्तमान सर्वे के अनुसार उक्त रेल लाइन परियोजना की लंबाई 63.70 किलोमीटर ,परियोजना लागत 1481.30 करोड़ कर दी गई।

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