देवरिया: उत्तर प्रदेश के देवरिया जेल में धोखाधड़ी के मामले में बंद पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को सीजेएम न्यायालय से राहत नहीं मिली। उनकी जमानत याचिका व रिमांड पर मंगलवार को सुनवाई हुई। न्यायालय ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। रिमांड पर बुधवार को फैसला आएगा। सुनवाई के दौरान पूर्व आईपीएस अधिकारी न्यायालय में मौजूद रहे। सुरक्षा की कमान सीओ सिटी संजय कुमार रेड्डी व कोतवाल विनोद कुमार सिंह ने संभाल रखी थी।
लखनऊ के गोमतीनगर स्थित विराम खंड निवासी अमिताभ ठाकुर ने वर्ष 1999 में देवरिया जिले में एसपी रहने के दौरान पत्नी नूतन के नाम से औद्योगिक क्षेत्र में प्लाट खरीदा था। प्लाट खरीदने के दौरान नूतन ठाकुर की जगह नूतन देवी व पति का नाम अमिताभ ठाकुर की जगह अभिजात लिखा गया। सितंबर 2025 में इस मामले में लखनऊ के ताल कटोरा थाने में केस दर्ज हुआ था। इसकी जांच के लिए एसआईटी गठित की गई।
बाद में इस मामले में देवरिया सदर कोतवाली में भी केस दर्ज हो गया। बीते 10 दिसंबर को पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर सीजेएम न्यायालय में पेश किया, जहां से वह जेल भेज दिए गए।अमिताभ ठाकुर की जमानत के लिए अधिवक्ता प्रवीन दुबे व अभिषेक शर्मा की तरफ से याचिका दायर की गई थी। कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें जेल से सीजेएम न्यायालय में पेश किया गया। तीन घंटे तक जमानत व रिमांड पर सुनवाई हुई।
बचाव पक्ष लगातार रिमांड पर चर्चा करते हुए रिमांड खारिज करने तथा जमानत देने की मांग करता रहा। सुनवाई के बाद न्यायालय ने जमानत याचिका खारिज कर दी जबकि बुधवार को रिमांड पर फैसला आएगा। अब जमानत के लिए जिला जज के यहां याचिका दाखिल करनी होगी।
पूर्व आईपीएस अधिकारी की जमानत के लिए पूजा-पाठ
पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की रिहाई के लिए कचहरी रोड स्थित शिव मंदिर में पूजा-पाठ भी किया गया। पूजा करने वाले लोगों का कहना था कि इस मंदिर का निर्माण अमिताभ ठाकुर के कार्यकाल में हुआ है।