लखनऊ: यूपी भाजपा अध्यक्ष के पद पर पंकज चौधरी की ताजपोशी के बाद अब सबकी निगाहें योगी मंत्रिमंडल के विस्तार पर है। चर्चाओं का बाजार गर्म है। वह भी कई तरह की। एक ये कि क्या गुजरात का प्रयोग यूपी में भी दोहराया जाएगा। इसी चर्चा ने तमाम मंत्रियों की नींद उड़ा दी है, तो बहुतों की उम्मीदों को पंख लगा दिए हैं। कुर्सी बचाने और पाने की चाहत वालों ने दौड़ शुरू कर दी है। संभावना जताई जा रही है कि टीम योगी में बड़ा बदलाव फरवरी माह में हो सकता है।
नये साल के आगाज के साथ ही भाजपा यूपी में मिशन-2027 की तैयारियां और तेज कर देगी। संगठन से लेकर सरकार तक सबकुछ दुरुस्त करने की तैयारी है। संगठन के प्रमुख बदलाव के बाद अब जिलों और संगठनात्मक मंडलों में टीम बनाने की कवायद शुरू की जा रही है। भाजपा ने 2022 का विधानसभा चुनाव स्वतंत्रदेव सिंह के प्रदेश अध्यक्ष रहते लड़ा था और पूर्ण बहुमत से सरकार में वापसी की थी। भाजपा ने 2027 के चुनाव में जाने से पहले पंकज चौधरी के रूप में फिर कुर्मी चेहरे को प्रदेश संगठन की कमान सौंपकर पुराना टोटका फिर दोहराया है।
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खुल सकती है कई विधायकों की लाटरी
अब बारी सरकार में बदलाव की है। 2022 के विधानसभा चुनाव में जाने से कुछ माह पहले भी मंत्रिमंडल विस्तार हुआ था। जातीय गुणा-गणित के तहत कई चेहरों को टीम योगी में शामिल किया गया था। मगर इस बार चर्चाएं थोड़ी अलग है। दरअसल प्रदेश सरकार में कई मंत्रियों के कामकाज को लेकर तमाम शिकायतें हैं। कुछ से दिल्ली दरबार खुश नहीं है, तो कइयों की कार्यशैली से मुख्यमंत्री नाराज हैं।
ऐसे में चर्चाएं योगी मंत्रिमंडल में बड़े बदलाव को लेकर है। ऐसा यदि हुआ तो तमाम विधायकों की लाटरी खुल सकती है। इसी चर्चा से कई मंत्री बेचैन हैं। ज्योतिषी से समय दिखवाने के साथ ही अनुष्ठान भी शुरू करा दिए गए हैं। कई विधायकों ने भी पूजा-पाठ शुरू करा दिए हैं। एक और चर्चा किसी दलित को तीसरा डिप्टी सीएम बनाए जाने की भी है। अब देखना यह है कि इस बदलाव की रूपरेखा कब परवान चढ़ती है। और न्यू ईयर गिफ्ट किस-किस के हिस्से आता है।