हरदोई: एसपी अशोक कुमार मीणा ने दो उपनिरीक्षक समेत नौ पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है। उपनिरीक्षकों पर विवेचना में विलंब करने का आरोप है। छह सिपाहियों पर बिना किसी सूचना के गैर हाजिर होने के आरोप में कार्रवाई की गई है। एक पर अवैध खनन में शामिल होने के आरोप पर कार्रवाई की गई।
संडीला कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक बलवंत सिंह को आरोपी को गिरफ्तार न पाने और विवेचना लंबित रखने के आरोप में निलंबित किया गया है। 18 अक्तूबर को एक युवती ने संडीला कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि संडीला नगर के निवासी शिवम ने शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक उत्पीड़न किया। मामला दर्ज होने के बाद भी विवेचक ने इस प्रकरण में गिरफ्तारी नहीं की। इसके कारण विवेचना भी लंबित रही।
शहर कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक रंजीत चौधरी को भी एसपी ने निलंबित कर दिया है। शहर कोतवाली में बीती 12 अगस्त को एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शहर काेतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने संजू उर्फ भग्गा, उसके भाई और मां के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उसकी नाबालिग बेटी को बहलाकर ले जाने का आरोप था। मामले में विवेचना अभी लंबित है।
एसपी ने पुलिस लाइन में तैनात सिपाही शेखर सिंह यादव, अभिजीत तोमर, साहब सिंह, विकास यादव, संजय कुमार व संजय कुमार द्वितीय को भी निलंबित किया है। सिपाही छविराम को खनन में शामिल होने पर निलंबित किया गया। एसपी अशोक कुमार मीणा ने बताया कि टडियावा क्षेत्र में लकड़ी के अवैध कटान की सूचना मिली थी। जांच में पता चला कि अवैध कटान में थाने में तैनात सिपाही छविराम शामिल है। इसी आरोप पर उसे निलंबित किया है।